Self love isn't selfish
"कौन कहता है कि तनहाइयां अच्छी नहीं होती यह तनहाइयां ही हैं जो हमें खुद से मिलने का बेहतरीन मौका देती हैं" हम दुनिया से, सारे दोस्तों से, समाज से, सबसे रोज मिलते हैं सबके हालचाल पूछते हैं, किसके घर में क्या हो रहा है सब की खबर रखते हैं, पर दिन के 24 घंटों में से खुद से मिलने का एक पल भी देते हैं क्या? पूछिए आज अपने दिल से कि आप खुद अपने आप से कब मिले? "खुद से प्यार करना" अगर यह शब्द हम किसी के सामने कहते हैं तो शायद हमें एक ही उत्तर मिलता है कि कितना स्वार्थी है। पर खुद से प्यार करना यह कोई स्वार्थ नहीं है यह एक ऐसी तपस्या है जो हर कोई नहीं कर सकता। खुद से प्यार करने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि हम किसी और से प्यार ही नहीं करेंगे, बल्कि जो इंसान खुद से प्यार करता है ,अपने आपको जानता है पहचानता है ,वह लोगों को कहीं और ज्यादा प्यार दे सकता है। क्योंकि- हम क्या हैं यह सिर्फ हम जानते हैं ,बाकि लोग तो सिर्फ हमारे बारे में अंदाजा लगा सकते हैं। इसलिए सब से मिलिए पर पूरे दिन में एक बार खुद से भी मिलिए खुद के भी हाल-चाल पूछिए इससे आपके अंदर जो आप हैं, उन्हें बहुत अच्छा...

